लुत्फ़ आरेला है

हर शख्स हंस रहा है हर कोई गा रहा है
खुश है फरेबी दुनिया टशन आ रहा है
दुःख दर्द परेशानी हों तो अपनी बला से
अप्पन को तो भइये भोत मज़ा आरेला है
सोशल मीडिया का लुत्फ़ समझ आरेला है

इल्म का मत पूछो कम पड़ गया समंदर
साइंसदां छुपा है एक एक भेजे केअंदर
बिना डिग्री के अंकल बन गया प्रोफेसर
नौवीं फेल पप्पू मर्ज की दवा बतारेला है
सोशल मीडिया का लुत्फ़ समझ आरेला है

ये है गर बीमारी फलां पत्तियां चबा लो
गर है वो परेशानी गुठलियां पीस खालो
पेड़ों का हुआ मुंडन बेचारे कहाँ जाएँ
जड़ों का भी चूरन अब इंसां बनारेला है
सोशल मीडिया का लुत्फ़ समझ आरेला है

इसको लो उबाल अब इसको पका लो
बच जाए जो पीसो फैसपैक बना लो
कॉमेडी है मज़े चौबीस घंटे सातों दिन
हर अड़ियल टट्टू यहाँ रेस लगारेला है
सोशल मीडिया का लुत्फ़ समझ आरेला है

घर के सभी मसले चटकी में सुलझ जाते
परेशानी एक चार सौ कमेंट आते
शादी कल हुई थी खुश था अपना जुम्मन
विदाई से पहले ही तलाक लारेला है
सोशल मीडिया का लुत्फ़ समझ आरेला है

व्हाट्सऐप पे नौ सौ फेसबुक पे नौ हज़ार
सोशल मीडिया पे बन रहे दोस्त बेशुमार
यारी है भाईचारा यारी से है संसार
यूक्रेन को रशिया से जाने कौन लड़ारेला है
सोशल मीडिया का लुत्फ़ समझ आरेला है

खेल हाथ में है मज़मा कहीं लगा ले
तेल कपडा हुनर बेच बोलियां लगा ले
आदम है तु बेटा कठपुतली नहीं है
हाथों फरेब के जो बिका जारेला है
सोशल मीडिया का लुत्फ़ समझ आरेला है

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